PYARI NOONI KI MEETHI-MEETHI KAHANIYAN (Hindi Edition)

PYARI NOONI KI MEETHI-MEETHI KAHANIYAN (Hindi Edition)


Price: ₹199.50
(as of Apr 06, 2024 03:01:56 UTC – Details)



‘‘आजी; तुम कामधेनु को यह क्यों खिला रही हो?’’
‘‘इससे उसे प्रसव में आराम मिलेगा।’’
‘‘मगर यदि वह प्रसव करने वाली है; तब हमें उसे लेकर पशु चिकित्सक के पास चलना चाहिए। तुम घर पर उसकी ठीक तरह से देखभाल नहीं कर सकती हो।’’
आजी ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया; ‘‘नूनी; हमारा पशु चिकित्सक सप्ताह में एक बार ही यहाँ आता है। इसलिए हमने तैयबा को बुलाया है। उसे इस विषय में अच्छा अनुभव है और वह एक पशु चिकित्सक के बराबर ही है।’’
जैसे ही आजा वहाँ से गुजरे; आजी ने उनसे कहा कि देखना; कामधेनु दूसरी गायों के साथ बाहर न जाए और उसके लिए हरी घास का इंतजाम कर देना। हमें उसके प्रसव के लिए उसके शेड की भी अच्छी तरह सफाई करवा देनी चाहिए। बाद में हमें पैदा होने वाले बछड़े की सफाई के लिए एक बड़े ड्रम में पानी की भी जरूरत होगी।
आजा ने सहमति से अपना सिर हिलाया।
—इसी संग्रह सेIndulge in Sweet Tales with ‘Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan’ by Sudha Murty

Embark on a delightful journey into the world of sweetness and simplicity with Sudha Murty’s heartwarming collection, ‘Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan.’ This anthology, masterfully crafted by Sudha Murty, invites readers of all ages to savor the sweetness of life through charming and endearing stories.

Explore the Magic of Nooni’s World

With each story in this collection, Sudha Murty introduces readers to the enchanting character of Nooni, whose world is filled with warmth, innocence, and the joys of everyday life. From magical encounters to life lessons wrapped in sweetness, ‘Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan’ captures the essence of childhood in a way that resonates with both young and adult readers.

Sudha Murty’s storytelling prowess brings Nooni’s world to life, allowing readers to immerse themselves in the simplicity of rural landscapes, the wisdom of elders, and the delightful adventures that unfold in the course of Nooni’s journey.

Why ‘Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan’ Is a Must-Read:

Heartwarming Narratives: Experience the joy of storytelling with Sudha Murty as she weaves heartwarming tales that celebrate the beauty of everyday life.Charming Character: Nooni’s character is not just a protagonist but a companion, making the stories relatable and endearing for readers of all ages.Life Lessons: Sudha Murty effortlessly integrates valuable life lessons into each story, offering readers insights that linger long after the tales are told.Perfect for All Ages: Whether you’re a parent reading to a child or an individual seeking a touch of nostalgia, this collection promises a timeless and enjoyable reading experience.

Don’t miss the chance to immerse yourself in the sweetness of Sudha Murty’s storytelling. Grab your copy of ‘Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan’ now and let the magic of Nooni’s world unfold before your eyes.


From the Publisher

Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan by Smt. Sudha Murty

Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan by Smt. Sudha MurtyPyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan by Smt. Sudha Murty

हमें उसके प्रसव के लिए उसके शेड की भी अच्छी तरह सफाई करवा देनी चाहिए।

‘‘आजी, तुम कामधेनु को यह क्यों खिला रही हो?’’

‘‘इससे उसे प्रसव में आराम मिलेगा।’’

‘‘मगर यदि वह प्रसव करने वाली है, तब हमें उसे लेकर पशु चिकित्सक के पास चलना चाहिए। तुम घर पर उसकी ठीक तरह से देखभाल नहीं कर सकती हो।’’

आजी ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया, ‘‘नूनी, हमारा पशु चिकित्सक सप्ताह में एक बार ही यहाँ आता है। इसलिए हमने तैयबा को बुलाया है। उसे इस विषय में अच्छा अनुभव है और वह एक पशु चिकित्सक के बराबर ही है।’’

जैसे ही आजा वहाँ से गुजरे, आजी ने उनसे कहा कि देखना, कामधेनु दूसरी गायों के साथ बाहर न जाए और उसके लिए हरी घास का इंतजाम कर देना। हमें उसके प्रसव के लिए उसके शेड की भी अच्छी तरह सफाई करवा देनी चाहिए। बाद में हमें पैदा होने वाले बछड़े की सफाई के लिए एक बड़े ड्रम में पानी की भी जरूरत होगी।आजा ने सहमति से अपना सिर हिलाया।

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Sudha MurthySudha Murthy

श्रीमती. सुधा मूर्ति

सुधा मूर्ति का जन्म 19 अगस्त 1950 को हुआ था। वह एक लेखिका और एक सक्रिय भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

वह एनजीओ, इन्फोसिस फाउंडेशन का नेतृत्व करती हैं और वह गेट्स फाउंडेशन की पब्लिक हेल्थ केयर इनिशिएटिव्स की जूरी भी हैं। सुधा मूर्ति ने हुबली से इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की।वह कर्नाटक में पहली बार आई थी। इस उपलब्धि को कर्नाटक के सीएम ने स्वर्ण पदक से पुरस्कृत किया।उसने कंपनी के चेयरपर्सन, जेआरडी टाटा को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें टाटा मोटर्स में लैंगिक पक्षपात की शिकायत थी।वह 7 साल तक पुणे में रहीं, जिसके बाद वह मुंबई चली गईं। यह INR 10,000 की उसकी बचत थी जिसने इन्फोसिस की स्थापना में योगदान दिया; एन.आर. नारायण मूर्ति हमेशा इस तथ्य का गर्व के साथ उल्लेख करते हैं, जब भी उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने इन्फोसिस की नींव कैसे रखी।सुधा मूर्ति वास्तव में टाटा मोटर्स, पुणे में चयनित होने वाली पहली महिला इंजीनियर थीं।

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ASIN ‏ : ‎ B072Q1W452
Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan (12 August 2017)
Language ‏ : ‎ Hindi
File size ‏ : ‎ 2495 KB
Text-to-Speech ‏ : ‎ Enabled
Screen Reader ‏ : ‎ Supported
Enhanced typesetting ‏ : ‎ Enabled
Word Wise ‏ : ‎ Not Enabled
Print length ‏ : ‎ 146 pages

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